वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 7.1.10
[5.6]तद् भूर् भूस् तद्[*559] भू-स्थ्ó वा विश्व्á-रूपस् त्áद् भूः प्राण्áस् सङ्ख्यात्áः
भूर् भ्úवस् स्úवर् असि[*560] भूर् असि भुवो ऽसि स्úवर् असि भूर् भूतये स्वाहा
[5.7] आपो वा आप आपो[*561] íन्तरात्मा य्ó वेद्ó वेदानाम् आधार्áः
वेदान्तरात्मा स्á-रसो रस-सङ्ख्यात्ó र्áसं र्áसम् आसीद् रसाय स्वाहा
[5.8] त्रयी वा कामं त्रयी-म्áयं त्र्í-गुणं त्रेधात्मकम्[*562]
त्रयी वा ज्य्óतिस्[*563] त्री-गुणन्[*564] त्रि-गुणात्मक्áन्[*565] त्áस्मै त्रेधाग्नये[*566] त्र्í-गुणाय स्वाहा
[5.9] द्वú वा म्úख्यौ म्úख्याधारौ स्á-सुखौ सानन्दú
स्á-स्मेरौ[*567] स्मेरायतौ[*568] सानन्द्áम् आनन्द-दौ[*569] स्वाहा
[5.10] स्á एकíकस् साधार्áस् साधिष्ठानो ऽनाधार्áः[*570]
क्áं कं क्áस्मै पद्é[*571] पातः पाद्áयति[*572] पादिते स्वाहा
[*559] उस् भू-स्थम्
[*560] उस् भूर् आसीद् रेप्लचेस् भूर् भुवस् सुवर् असि
[*561] उस् अपो रेप्लचेस् आप आपो
[*562] उस् त्रेतात्मकम्
[*563] उस् जेनाति
[*564] उस् त्रि-गुणन्
[*565] उस् त्रि-गुणात्मकम्
[*566] उस् त्रेताग्नये
[*567] उस् स-स्मेरौ; तेxत्: स्á-स्मेका
[*568] उस् स्मेरायितौ
[*569] उस् आनन्दते
[*570] उस् नाधिष्ठानः
[*571] उस् अद्द्स् पदे अfतेर् पदे
[*572] उस् पादाय
मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0