वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 7.1.9
[5.1] सत्यं[*537] सत्व्áं[*538] प्úण्यम् आसीत् प्úण्यो वा दैव्íक्áं सत्व्áं[*539] सत्य्áम्[*540] आर्षम् सत्यं सत्व्áं[*541] स्áत्-पथाय स्वाहा
[5.2] सत्योद्योग्áस्[*542] सत्व-प्राण्áस्[*543] सत्वाधार्áस् स्áत्वस्[*544] सन्धान्áः[*545]
सत्यस् सत्व्á[*546] प्र्áकाशयन्[*547] ज्य्óतिर्[*548] ज्य्óतिषे स्वाहा
[5.3] कामीम् इमाम्[*549] ईशिषं सत्य्áम् ईशिषम्[*550] ईशिषाणान् तत् सत्व्áं सत्य्á-रूप्áम्
सत्याय स्áन्दधानाय स्वाहा
[5.4] आरणी[*551] वा आरन्द्á आवारन्द्ó आरन्द्á[*552]
अय्áं [*553]मारन्-द्áम्áम् आरन्द्áम्[*554] आशिषे[*555] स्वाहा
[5.5] तत् सत्वो[*556] वा व्íष्णुर् उद्योग्áस् सूर्यो गो[*557] वा व्íष्णुं विशन्न्[*558]
व्íश्वं व्íश्वं स्áन्दधानस् त्áद् व्íश्वं व्íष्णवे विश्व्á-रूपाय स्वाहा
[*537] उस् सत्यः
[*538] उस् सत्यं
[*539] उस् सत्यं
[*540] उस् सत्त्वम्
[*541] उस् सत्त्वम्
[*542] उस् सत्यो ज्योतिः
[*543] उस् सत्त्वं प्राणाः
[*544] उस् सत्त्वं
[*545] उस् संयानाः
[*546] उस् सत्त्वं
[*547] उस् प्रकाशं
[*548] उस् ओमित्स्
[*549] उस् उमाम्
[*550] उस् ओमित्स् सत्यम् ईशिषम्
[*551] उस् अरिणिर्
[*552] उस् आरन्दो
[*553] उस् अद्द्स् आनन्दते बेfओरे मारन्दम्
[*554] उस् ओमित्स्
[*555] उस् ईशिषे
[*556] उस् यत् सत्यं
[*557] उस् गौर्
[*558] उस् विष्णुर् विशत्
मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0