ग्रंथ पाठ
तर्कताण्डव (टीका सहित) · अध्याय 4
4.2
--------------------------------------------------------------------------- अत्राद्येन विशेषणेन सौरभ्यस्य द्वितीयेन शैत्यस्य अंशं इति मान्द्यस्य वायुगुणस्योक्तिर्ज्ञेया
4.3
टीकाकर्तृन्नमति -- आनन्देति
4.4
फलोक्तिपूर्वं चिकीर्षितं प्रतिजानीते -- श्रीमदिति
मूल पाठ: Tarkatāṇḍava with Rāghavendratīrtha's Nyāyadīpa · Data entry members of the Sansknet Project · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0