ग्रंथ पाठ
अथर्ववेद · अध्याय 13.8
13.8.46
13.८(१३.४)
भूयान् इन्द्रो नमुराद्भूयान् इन्द्रासि मृत्युभ्यः
13.8.47
भूयान् अरात्याः शच्याः पतिस्त्वमिन्द्रासि विभूः प्रभूरिति त्वोपास्महे वयम्
13.8.48
नमस्ते अस्तु पश्यत पश्य मा पश्यत
13.8.49
अन्नाद्येन यशसा तेजसा ब्राह्मणवर्चसेन
13.8.50
अम्भो अमो महः सह इति त्वोपास्महे वयम्
13.8.51
अम्भो अरुणं रजतं रजः सह इति त्वोपास्महे वयम्
मूल पाठ: atharvavedaḥ · Sanskrit Wikisource contributors · Sanskrit Wikisource · CC BY-SA 4.0