भाषा

ENहिગુ
ग्रंथ पाठ

अथर्ववेद · अध्याय 13.7

13.7.29

13.7(१३.४)
स वा अह्नोऽजायत तस्मादहरजायत

13.7.30

स वै रात्र्या अजायत तस्माद्रात्रिरजायत

13.7.31

स वा अन्तरिक्षादजायत तस्मादन्तरिक्षमजायत

13.7.32

स वै वायोरजायत तस्माद्वायुरजायत

13.7.33

स वै दिवोऽजायत तस्माद्द्यौरधि अजायत

13.7.34

स वै दिग्भ्योऽजायत तस्माद्दिशोऽजायन्त

13.7.35

स वै भूमेरजायत तस्माद्भूमिरजायत

13.7.36

स वा अग्नेरजायत तस्मादग्निरजायत

13.7.37

स वा अद्भ्योऽजायत तस्मादापोऽजायन्त

13.7.38

स वा ऋग्भ्योऽजायत तस्मादृचोऽजायन्त

13.7.39

स वै यज्ञादजायत तस्माद्यज्ञोऽजायत

13.7.40

स यज्ञस्तस्य यज्ञः स यज्ञस्य शिरस्कृतम्

13.7.41

स स्तनयति स वि द्योतते स उ अश्मानमस्यति

13.7.42

पापाय वा भद्राय वा पुरुषायासुराय वा

13.7.43

यद्वा कृणोष्योषधीर्यद्वा वर्षसि भद्रया यद्वा जन्यमवीवृधः

13.7.44

तावांस्ते मघवन् महिमोपो ते तन्वः शतम्

13.7.45

उपो ते बध्वे बद्धानि यदि वासि न्यर्बुदम्

मूल पाठ: atharvavedaḥ · Sanskrit Wikisource contributors · Sanskrit Wikisource · CC BY-SA 4.0

Esc