ग्रंथ पाठ
अथर्ववेद · अध्याय 13.9
13.9.52
13.८(१३.४)
उरुः पृथुः सुभूर्भुव इति त्वोपास्महे वयम्
13.9.53
प्रथो वरो व्यचो लोक इति त्वोपास्महे वयम्
13.9.54
भवद्वसुरिदद्वसुः संयद्वसुरायद्वसुरिति त्वोपास्महे वयम्
13.9.55
नमस्ते अस्तु पश्यत पश्य मा पश्यत
13.9.56
अन्नाद्येन यशसा तेजसा ब्राह्मणवर्चसेन
मूल पाठ: atharvavedaḥ · Sanskrit Wikisource contributors · Sanskrit Wikisource · CC BY-SA 4.0