ग्रंथ पाठ
योगसूत्र (टीका सहित) · श्लोक S1-1.2-5-
S1
यस्..त्यज्-त्वा..रूपम्..आद्यम्..(प्रभवति..जगत्6..+अनेकधा-अनुग्रहाय...[त्यज्,..प्र-भू]
S2
प्रक्षीण-क्लेश-राशिर्..विषम्..अविषधर1..+अनेकवक्त्रः..सुभोगी...[प्र-क्षि2,..अविषधर,..सुभोग],..
S3
सर्व-ज्ञान-प्रसूतिर्..भुजग-परिकरः..प्रीति4..यस्य..नित्यम्...
S4
देव1..+अहि-ईशः..स..वः..+..अव्यात्..सित-विमल-तनुर्..योगद1..योग-युक्तः...
मूल पाठ: Yogasūtra with Bhāṣya · Edition: Anandasrama Sanskrit Series ; 47 (1978) [original ed. 1904] · Data entry Muneo Tokunaga · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0