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ग्रंथ पाठ

वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 8.1.194

8.1.194.1

त्áत्-प्úरुषाय विद्म्áहे सुपर्ण-पक्षाय धीमहि
त्áन् नो गरुडः प्रचोद्áयात्

8.1.194.2

विष्वक्सेनाय विद्म्áहे वेत्र-हस्ताय धीमहि
त्áन् नश् शान्तः प्रचोद्áयात्

8.1.194.3

वेदात्मनाय विद्म्áहे हिरण्य-गर्भाय धीमहि
त्áन् नो ब्रह्म प्रचोद्áयात्

8.1.194.4

त्áत्-प्úरुषाय विद्म्áहे महा-देवाय धीमहि
त्áन् नो रुद्रः प्रचोद्áयात्

8.1.194.5

त्áत्-प्úरुषाय विद्म्áहे वक्र-तुण्डाय धीमहि
त्áं नो दन्तिः[*944] प्रचोद्áयात्
[*944] महानु (उस्): दन्ती; त, महानु (स्व्): दन्तिः

मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0

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