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ENहिગુ
ग्रंथ पाठ

वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 5.1.192

5.1.192.1

प्रिय्áतां भ्áगवान् द्रुहिण्यै स्वाहा रुद्रा-जम् आवाहायाम्य् अत्र्á स्वस्त्í सवितादित्é íनुमन्यस्व éतो न्व् íन्द्रं सत्यकम् आवाहयामि धर्म-राजम् आवाहयामि ज्य्óतिषे स्वाहा समानाय स्वाहा कर्णाय स्वाहा वैराग्यम् आवाहयाम्य् अण्óर् áणीयान् आप उन्दन्तु सुखावहम् आवाहयामि ब्र्̥हद्-अग्ने सुवीर्य् óं पीठाय स्वाहा यज्ञांगाय स्वाहा शुद्धाय स्वाहा धन्याय स्वाहैक्á-न्áवत्य्-उत्तर-शत्áम्
प्र्íय्áतां भ्áगवान् विष्णु-भूताय स्वाहा
“ह्áरिः óं तत् सत्”
श्रियै न्áमः
आवरण-स्áप्तकेषूक्त-मूर्ती-होमः

मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0

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