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ग्रंथ पाठ

गौरगओविन्दार्चनस्मरणपद्धति · श्लोक 361-362

361

अथ च--
दीव्यद्-वृन्दारण्य-कल्प-द्रुमाधः-
श्रीमद्-रत्नागार-सिंहासन-स्थौ ।
श्रीमद्-राधा-श्रील-गोविन्द-देवौ
प्रेष्ठालीभिः सेव्यमानौ स्मरामि

362

स्मरेद् एवं क्रमेणैव सिद्ध-देहेन साधकः ।
स-साधनेन पद्मस्य व्रजेशौ केशर-स्थितौ

मूल पाठ: Gauragaovindārcanasmaraṇapaddhati · Data entry n.n. · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0

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