ग्रंथ पाठ
वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 8.1.95
8.1.95.1
आ त्वाहार्षम् अन्त्áर् अभूः
8.1.95.2
óं áर्चितस् स्úष्टुतश् चापि सुपर्ण्á-गरुड-ध्व्áज्á
चक्र-पाण्é महा-बाहो यथ्éष्टं वस óं न्áमः
8.1.95.3
सह्áस्र-शीर्षा प्úरुषः
8.1.95.4
व्íष्णोर् न्ú कं वीर्याणि
8.1.95.5
सहस्र-शीर्षं देव्áम्
8.1.95.6
नारायणाय
8.1.95.7
áतो देवा
8.1.95.8
óं न्áम्ó नारायणाय्á
8.1.95.9
óं न्áम्ó भ्áग्áव्áत्é वासुदेवाय्á
8.1.95.10
सूर्यस् त्वा पुर्áस्तात् पातु क्áस्याश् चिद् अभ्íशस्त्याः
मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0