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ग्रंथ पाठ

वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 8.1.85

8.1.85.1

áश्विना प्राव्áतं युव्áम्
इद्áम् अह्á(ग्)ं स्éनाया अभीत्वर्यै

8.1.85.2

त्व्áं ज्úषज[*829] भेषज्áं वैश्वानराय[*830] भेषज्áम्
áथो अस्म्áभ्यं भेषज्á(ग्)ं स्úभेषजम्

8.1.85.3

इद्áं व्íष्णुर् व्íचक्रमे य्óगे-योगे त्रिर् देव्áः

8.1.85.4

त्रीणि पदा

8.1.85.5

स्áमान्é व्र्̥क्ष्é प्úरुषो निमग्न्ó íनीशतया श्óचति म्úह्यमानः
ज्úष्टं य्áदा पश्यत्य् अन्य्áम् ईश्áं त्áदाभीमानम् éति[*831] वीत-शोक्áः

8.1.85.6

य्óगे-योगे श्áन् नो देवीर् व्íचक्रमे प्र्̥थिवी

8.1.85.7

óं न्áम्ó भ्áग्áव्áत्é वासुदेवाय्á
[*829] त्स्: त्áं जुषस्व रेप्लचेस् त्व्áं ज्úषज
[*830] त्स्: ग्áव्é ऽश्वाय प्úरुषाय रेप्लचेस् वैश्वानराय
[*831] श्वेतु, मुण्डु: अस्य महिमानम् इति रेप्लचेस् त्áदाभीमानम् éति

मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0

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