वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 7.2.0
उद् वहाय स्वाहेश्वराय स्वाहा
यिष्यसि स्वाहा मायíषा ते स्वाहा
ज्य्óतिषे स्वाहा पराय स्वाहा
भूमि स्वाहा सत्याय स्वाहा
विश्व-रूपाय[*748] स्वाहा पादिते स्वाहा
[*748] 1946 एदितिओन्: रूपाय
व्áरदाय पित्रे स्वाहा सुरेश-पित्रे स्वाहा
य्áदास्ते स्वाहा भद्रे स्वाहा
स्áम्áग्र(ग्ग्)ं स्वाहा बलाय स्वाहा
स्áन्ते स्वाहा हराय स्वाहा
त्éजसे स्वाहा पराय स्वाहा
प्íत्रे स्वाहा द्वे च
[चोलोफोन्:]
ह्áरिः ओम्
तत्थ् सत्
श्री श्रीनिवासार्पणम् अस्तु
श्री श्री श्री-निवासाय नमः
श्री-वैखानस-मन्त्र-प्रश्नाष्टके
अष्टम-प्रश्नः
मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0