ग्रंथ पाठ
वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 6.36
6.36.1
चतुर्-मुखी लोक्á-रमी च कुण्ड्íनी
देवी व्íवर्त्íनी विर्áजो विधातुस् स्वाहा
6.36.2
य्ó लोक-भर्त्री र्áमता प्रजानाम्
जाताभिस् स्áर्वं म्áनसा प्रियाभिस् स्वाहा
6.36.3
त्रि-न्éत्र-धारी त्áपसो-धि-देवी
व्íश्वेषु देव्éषु ग्áणेषु मुख्या स्वाहा
6.36.4
च्íह्नं च रौद्र्áं दधती गण-मुख्या
भस्माङ्ग-धौती गण्á-काल-हारिणी स्वाहा
6.36.5
ज्वाला माला[*442] गुम्भ्íनी गुह-जाता
रौद्र्áं गणं या ब्íभ्र्̥यात् सुरूपी स्वाहा
[*442] च्f. त 10.11.2 (व्च् प्. 385)
मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0