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ग्रंथ पाठ

वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 6.30

6.30.1

अस्मा अस्माद्[*422] आददान्ó[*423] ऽद éनो[*424] ब्úद्धिना य्ó स्व्á-त्áपसः
आय्á मां भूयो भूयस् स्र्̥त्é[*425] घ्र्̥त्é स्वाहा

6.30.2

क्áस्याङ्गिरा अभूच् छ्íरसो य्áं म्áनन्ति
श्र्éष्ठ्áं व्íभोर् वीती होत्रे ददेय(ग्ग्)ं स्वाहा

6.30.3

व्íस्मापयत्य् áत्र म्úदा बभासे
प्óपुष्यते स्यात् प्रभ्áयागमो नस् स्वाहा

6.30.4

व्यावर्तते य्ó विब्úधो व्यान एष्á व्यापूरयन् न्ó धर्áत्é[*426] सर्वम् अर्वाक्
त्áस्माद् एव्áं जुहुतश् श्á(ग्)ं समेतु स्वाहा

6.30.5

स्á स्मा[*427] रस्ó ऽग्रे अस्र्̥जच् च्áतस्रः कन्यास् स उक्थ्यं च स्á कीर्तिमन्त्áः
स्म्ŕ̥त्या त्áस्माद् इत्á एतु ह्óतुस् स्वाहा
[*422] च्f. र्व् 6.42.4 (व्च् प्. 138)
[*423] 1984 एदितिओन्: आददौ न्ó
[*424] तेxत्: éन
[*425] 1984 एदितिओन्: प्र्̥ते
[*426] 1946 एदितिओन्: व्यापूरयन् न्ó थर्áत्é
[*427] च्f. र्व् 5.7.4 (व्च् प्. 999)

मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0

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