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ग्रंथ पाठ

वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 6.15

6.15.1

मुनीन्द्र्áं ब्र्áह्म-नित्याय्á व्áरोत्क्र्̥ष्टाय
दौवारिक्á-प्र्áधानाय म्áणिकाय स्वाहा

6.15.2

सन्ध्यायै म्úनि-पत्न्यै प्रभावत्यै द्र्̥ढ्á-व्रतायै स्वाहा

6.15.3

वíखानसायाच्य्úत-स(ग्ग्)ंश्रयाय
त्áपो-íग्र-निष्ठाय च ब्र्áह्म-दर्शिने स्वाहा

6.15.4

तापसाय स्íद्धि-राजाय्á
स(ग्)ंहिताय सह्áस्राश्वमेधिने स्वाहा

6.15.5

क्íष्किन्धाय ब्áहु-मर्दनाय
बहु-सेनाय द्र्̥ढ्á-व्र्áताय स्वाहा

6.15.6

तीर्थाय स्áर्व-सुखावहाय
सर्व-योग्याय स्áर्व-दर्शिने स्वाहा

मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0

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