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ग्रंथ पाठ

वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 5.2.92

5.2.92.1

तापसाय स्वाहा

5.2.92.2

ज्áवनाय स्वाहा

5.2.92.3

नागाय स्वाहा

5.2.92.4

मुख्याय स्वाहा

5.2.92.5

भल्लाटाय स्वाहा

5.2.92.6

सन्धुषाय[*325] स्वाहा

5.2.92.7

विंद्याय स्वाहा

5.2.92.8

अमिताय स्वाहा

5.2.92.9

सोमाय स्वाहा

5.2.92.10

अर्गलाय[*326] स्वाहा

5.2.92.11

áदित्यै स्वाहा

5.2.92.12

सूरि-देवाय स्वाहा

5.2.92.13

चर्áक्यै स्वाहा

5.2.92.14

देवतार्यै स्वाहा

5.2.92.15

पूतनायै स्वाहा

5.2.92.16

पाप-राक्ष्áस्यै स्वाहा

5.2.92.17

पाञ्च-भौतिकाय स्वाहा
[*325] 1946 एदितिओन्: सन्दुषाय
[*326] तेxत्: अर्गळाय
ह्áरिः óं तत्थ् सत्
श्री श्री विखनस महा-गुरवे नमः
श्री-वैखानस-मन्त्र-प्रश्नाष्टके
षष्टः-प्रश्न-प्रारम्भः

मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0

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