ग्रंथ पाठ
वैखानसमन्त्रप्रश्न · अध्याय 5.2.63
5.2.63.1
घनाघन्áन्यै स्वाहा
5.2.63.2
काल्यै[*304] स्वाहा
5.2.63.3
नालीक-दंष्ट्र्यै स्वाहा
5.2.63.4
व्र्̥ष्á-हायै[*305] स्वाहा
5.2.63.5
वेद-धार्íण्यै स्वाहा
5.2.63.6
जयायै स्वाहा
5.2.63.7
सुख-प्रदायै स्वाहा
5.2.63.8
सम्र्̥द्ध्íन्यै स्वाहा
5.2.63.9
भद्रायै स्वाहा
5.2.63.10
विजयायै स्वाहा
[*304] तेxत्: काऌयै
[*305] च्f. 5.1.187.5, व्र्̥षभ-वाहनायै, wहिछ् ओच्चुर्स् इन् अ सिमिलर् सेqउएन्चे ओf वेर्सेस् (इ.ए. 5.1.184.9-187.6 च्f. 5.2.60.8-63.5).
मूल पाठ: Vaikhānasamantrapraśna, 5-8 · Edition: various South Indian editions in Telugu script · Data entry Howard Jay Resnick · GRETIL (Göttingen) · CC BY-NC-SA 4.0