सिद्धमङ्गलस्तोत्रम् · अध्याय 1
श्रीमदनन्त श्रीविभूषित अप्पल लक्ष्मी नरसिम्हराजा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव
श्रीविद्याधरि राधा सुरेखा श्रीराखिधरा श्रीपादा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव
माता सुमती वात्सल्यामृत परिपोषित जय श्रीपादा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव
सत्य ऋषीश्वर दुहितानन्दन बापनार्यनुत श्रीचरणा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव
सवित्रृकाठकचयन पुण्यफल भारद्वाजऋषि गोत्र संभवा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव
दो चौपाती देव लक्ष्मी घनसख्या बोधित श्रीचरणा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव
पुण्यरूपिणी राजमांबसुत गर्भपुण्यफल संजाता
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव
सुमतीनन्दन नरहरिनन्दन दत्तदेवप्रभु श्रीपादा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव
पीठिकापुर नित्यविहारा मधुमती दत्ता मन्गलरूपा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव
मूल पाठ: siddhamaṅgalastotram · Sanskrit Wikisource contributors · Sanskrit Wikisource · CC BY-SA 4.0