नारायणस्तोत्रम् · अध्याय 1
नारायण नारायण जय गोविन्द हरे ॥
नारायण नारायण जय गोपाल हरे ॥ ध्रु ॥
करुणापारावार वरुणालयगम्भीर ॥ नारायण
घननीरदसङ्काश कृतकलिकल्मषनाश ॥ नारायण
यमुनातीरविहार धृतकौस्तुभमणिहार ॥ नारायण
पीताम्बरपरिधान सुरकल्याणनिधान ॥ नारायण
मञ्जुलगुञ्जाभूष मायामानुषवेष ॥ नारायण
राधाधरमधुरसिक रजनीकरकुलतिलक ॥ नारायण
मुरलीगानविनोद वेदस्तुतभूपाद ॥ नारायण
बर्हिनिबर्हापीड नटनाटकफणिक्रीड ॥ नारायण
वारिजभूषाभरण राजिवरुक्मिणीरमण ॥ नारायण
जलरुहदलनिभनेत्र जगदारम्भकसूत्र ॥ नारायण
पातकरजनीसंहर करुणालय मामुद्धर ॥ नारायण
अघबकक्षयकंसारे केशव कृष्ण मुरारे ॥ नारायण
हाटकनिभपीताम्बर अभयं कुरु मे मावर ॥ नारायण
दशरथराजकुमार दानवमदसंहार ॥ नारायण
गोवर्धनगिरिरमण गोपीमानसहरण ॥ नारायण
शरयूतीरविहार सज्जनऋषिमन्दार ॥ नारायण
विश्वामित्रमखत्र विविधपरासुचरित्र ॥ नारायण
ध्वजवज्राङ्कुशपाद धरणीसुतसहमोद ॥ नारायण
जनकसुताप्रतिपाल जय जय संसृतिलील ॥ नारायण
दशरथवाग्धृतिभार दण्डकवनसञ्चार ॥ नारायण
मुष्टिकचाणूरसंहार मुनिमानसविहार ॥ नारायण
वालिविनिग्रहशौर्य वरसुग्रीवहितार्य ॥ नारायण
मां मुरलीकर धीवर पालय पालय श्रीधर ॥ नारायण
जलनिधिबन्धनधीर रावणकण्ठविदार ॥ नारायण
ताटीमददलनाढ्य नटगुणविविधधनाढ्य ॥ नारायण
गौतमपत्नीपूजन करुणाघनावलोकन ॥ नारायण
सम्भ्रमसीताहार साकेतपुरविहार ॥ नारायण
अचलोद्धृतिचञ्चत्कर भक्तानुग्रहतत्पर ॥ नारायण
नैगमगानविनोद रक्षःसुतप्रह्लाद ॥ नारायण
भारतीयतिवरशङ्कर नामामृतमखिलान्तर ॥ नारायण
। इति श्रीमच्छङ्कराचार्यविरचितं नारायणस्तोत्रं सम्पूर्णम् ।
मूल पाठ: nārāyaṇastotram · Sanskrit Wikisource contributors · Sanskrit Wikisource · CC BY-SA 4.0