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ग्रंथ पाठ

अथर्ववेद · अध्याय 5.9

5.9.1

दिवे स्वाहा

5.9.2

पृथिव्यै स्वाहा

5.9.3

अन्तरिक्षाय स्वाहा

5.9.4

अन्तरिक्षाय स्वाहा

5.9.5

दिवे स्वाहा

5.9.6

पृथिव्यै स्वाहा

5.9.7

सूर्यो मे चक्षुर्वातः प्राणोऽन्तरिक्षमात्मा पृथिवी शरीरम् ।
अस्तृतो नामाहमयमस्मि स आत्मानं नि दधे द्यावापृथिवीभ्यां गोपीथाय

5.9.8

उदायुरुद्बलमुत्कृतमुत्कृत्यामुन् मनीषामुदिन्द्रियम् ।
आयुष्कृदायुष्पत्नी स्वधावन्तौ गोपा मे स्तं गोपायतं मा ।
आत्मसदौ मे स्तं मा मा हिंसिष्टम्

मूल पाठ: atharvavedaḥ · Sanskrit Wikisource contributors · Sanskrit Wikisource · CC BY-SA 4.0

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