पद्म पुराण का ब्रह्मांड विज्ञान: वास्तविकता के अंतिम छोर का रहस्य
पद्म पुराण के अनुसार ब्रह्मांड का छोर कैसा है? लोकालोक पर्वत, सप्तावरण और भौतिक भूगोल के चेतना में विलीन होने के प्राचीन रहस्य को विस्तार से समझें।
भाषा
iPhone पर: Share दबाएँ, फिर Add to Home Screen, ऐप खोलें और यहाँ सूचना चालू करें।
आपके ब्राउज़र की सेटिंग में इस साइट की सूचनाएँ बंद हैं।
पद्म पुराण पर लेख: इसकी शिक्षाएँ, कथाएँ और अर्थ, सरल शब्दों में।
पद्म पुराण सनातन धर्म के अठारह प्रमुख महापुराणों में से एक है, जिसकी रचना का पारंपरिक श्रेय महर्षि वेदव्यास को दिया जाता है। विभिन्न खंडों में विभाजित यह ग्रंथ सृष्टि की उत्पत्ति, पवित्र तीर्थों के महत्व और सदाचार के नियमों का विस्तार से वर्णन करता है। इसमें भगवान विष्णु की भक्ति के साथ-साथ अनेक पौराणिक आख्यान, व्रत तथा धार्मिक जीवन से जुड़े व्यावहारिक उपदेश संकलित हैं।
पद्म पुराण के अनुसार ब्रह्मांड का छोर कैसा है? लोकालोक पर्वत, सप्तावरण और भौतिक भूगोल के चेतना में विलीन होने के प्राचीन रहस्य को विस्तार से समझें।