कल्कि पुराण की वास्तविक कथा: कलि युग का अंत कैसे होगा
कल्कि पुराण के अनुसार कलि युग का अंत किसी युद्ध से नहीं, बल्कि वाणी के पतन और विचारों की एकरूपता से होता है। जानिए इसका वास्तविक और गहरा आध्यात्मिक अर्थ।
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कल्कि पुराण पर लेख: इसकी शिक्षाएँ, कथाएँ और अर्थ, सरल शब्दों में।
कल्कि पुराण सनातन परंपरा का एक प्रमुख उपपुराण है, जिसकी रचना का श्रेय पारंपरिक रूप से महर्षि वेदव्यास को दिया जाता है। इस ग्रंथ में भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि के प्राकट्य और उनके जीवन-चरित्र का वर्णन है। इसमें कलियुग के अंत में अधर्म के निवारण, दुष्टों के संहार और पुनः सत्ययुग की स्थापना का विवरण मिलता है।
कल्कि पुराण के अनुसार कलि युग का अंत किसी युद्ध से नहीं, बल्कि वाणी के पतन और विचारों की एकरूपता से होता है। जानिए इसका वास्तविक और गहरा आध्यात्मिक अर्थ।