गरुड़ पुराण का वास्तविक सत्य: मृत्यु की प्रक्रिया, गर्भ का अनुभव और विस्मृति का विज्ञान
गरुड़ पुराण का गंभीर विश्लेषण: जानें मृत्यु के बाद 10 दिनों का पिंड दान, गर्भ में पूर्व जन्म की स्मृति और जन्म लेते ही सब कुछ भूल जाने का वास्तविक रहस्य।
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गरुड़ पुराण पर लेख: इसकी शिक्षाएँ, कथाएँ और अर्थ, सरल शब्दों में।
गरुड़ पुराण सनातन धर्म के अठारह महापुराणों में से एक वैष्णव ग्रंथ है, जिसकी पारंपरिक रचना महर्षि वेदव्यास द्वारा मानी जाती है। भगवान विष्णु और गरुड़ के संवाद रूप में रचित यह ग्रंथ मृत्यु के बाद जीवात्मा की गति, कर्मफल तथा अंत्येष्टि संस्कारों का वर्णन करता है। इसमें सदाचार, धर्म, नीति और मोक्ष प्राप्ति के मार्ग का भी विवेचन है।
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