माँ कालरात्रि और काल का ब्लैक होल: महाप्रलय, सहस्रार और कालिक अहंकार का विसर्जन
देवीभागवत के आलोक में माँ कालरात्रि, महाप्रलय, सहस्रार में अहंकार का लय तथा ब्लैक होल सिंगुलैरिटी के वैज्ञानिक सादृश्य का प्रमाणिक दार्शनिक विश्लेषण पढ़ें।
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देवी भागवत पुराण पर लेख: इसकी शिक्षाएँ, कथाएँ और अर्थ, सरल शब्दों में।
देवी भागवत पुराण सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो मुख्य रूप से शाक्त परंपरा से संबंधित है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इसके रचयिता महर्षि वेदव्यास हैं। इस ग्रंथ में आदि पराशक्ति को जगत् का मूल कारण बताया गया है और इसमें देवी के विविध आख्यानों के साथ दार्शनिक देवी गीता, सदाचार तथा उपासना का वर्णन मिलता है।
देवीभागवत के आलोक में माँ कालरात्रि, महाप्रलय, सहस्रार में अहंकार का लय तथा ब्लैक होल सिंगुलैरिटी के वैज्ञानिक सादृश्य का प्रमाणिक दार्शनिक विश्लेषण पढ़ें।
देवी भागवत पुराण के अनुसार माँ कात्यायनी का प्राकट्य, आज्ञा चक्र पर रुद्रग्रन्थि का भेदन और माहिष-भाव के संहार का गूढ़ दार्शनिक व आध्यात्मिक विश्लेषण पढ़ें।
देवी भागवत पुराण के अनुसार माँ स्कंदमाता, शिव के अनियंत्रित तेज का मातृ-कवच, विशुद्ध चक्र की रसविद्या और आधुनिक विज्ञान के साथ ईमानदार तुलना को समझें।
देवी भागवत पुराण के अनुसार माँ कूष्माण्डा की दिव्य मंदस्मित, ब्रह्मांड की उत्पत्ति, ऊष्मा और आधुनिक भौतिक ब्रह्मांड विज्ञान के साथ वास्तविक तुलना को समझें।
जानिए देवी भागवत पुराण में माँ चन्द्रघण्टा का रहस्य: कैसे घण्टानाद, मणिपूर चक्र और दूसरा मस्तिष्क (गट) मिलकर अस्तित्वगत भय और चिंता को जड़ से मिटाते हैं।
देवी भागवत पुराण में शिव द्वारा कामदेव भस्म की कथा, माँ ब्रह्मचारिणी की अपर्णा तपस्या और इच्छाशक्ति के न्यूरोसाइंस का प्रामाणिक व दार्शनिक विश्लेषण।
देवी भागवत पुराण की गुप्त चेतावनी: मूलाधार और माँ शैलपुत्री को स्थिर किए बिना सहस्रार चक्र को जबरन जगाना तंत्रिका तंत्र के लिए विनाशकारी क्यों सिद्ध होता है।