३,००० वर्ष पुराना वास्तविकता का रहस्य: छान्दोग्य उपनिषद में भौतिकता का विश्लेषण
छान्दोग्य उपनिषद के गहरे दर्शन को समझें। जानें कि कैसे ऋषि उद्दालक ने वास्तविकता और पदार्थ का विश्लेषण किया था।
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छान्दोग्योपनिषद पर लेख: इसकी शिक्षाएँ, कथाएँ और अर्थ, सरल शब्दों में।
छांदोग्य उपनिषद सामवेद की कौथुम शाखा के अंतर्गत आने वाला एक प्राचीन और प्रमुख उपनिषद है। श्रुति परंपरा के इस ग्रंथ में मुख्य रूप से महर्षि उद्दालक आरुणि और उनके पुत्र श्वेतकेतु के दार्शनिक संवाद वर्णित हैं। यह ग्रंथ ॐकार (उद्गीथ) की उपासना, प्राण और जगत के स्वरूप के साथ 'तत्त्वमसि' महावाक्य द्वारा आत्मा और ब्रह्म की अभिन्नता का प्रतिपादन करता है।
छान्दोग्य उपनिषद के गहरे दर्शन को समझें। जानें कि कैसे ऋषि उद्दालक ने वास्तविकता और पदार्थ का विश्लेषण किया था।